उद्योगपति Anil Ambani की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने उनके खिलाफ करीब ₹1,085 करोड़ की कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में नई एफआईआर दर्ज की है। यह मामला Punjab National Bank की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।
1085 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, 2013 से 2017 के बीच Reliance Communications (आरकॉम) के तत्कालीन अधिकारियों के साथ मिलकर अनिल अंबानी पर बैंक के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है।
एफआईआर में कहा गया है कि कंपनी ने ₹1085 करोड़ का लोन इस मंशा से लिया था कि उसे वापस नहीं किया जाएगा। बैंक का आरोप है कि कंपनी ने लोन के पैसे को तय उद्देश्य के बजाय दूसरी जगहों पर डायवर्ट कर दिया, जिससे बैंक को भारी नुकसान हुआ।

दो बैंकों को हुआ नुकसान
जांच एजेंसियों के मुताबिक इस कथित धोखाधड़ी में:
- Punjab National Bank को लगभग ₹621.39 करोड़ का नुकसान हुआ।
- United Bank of India (जिसका अब पीएनबी में विलय हो चुका है) को करीब ₹463.80 करोड़ का नुकसान हुआ।
एफआईआर में अनिल अंबानी के अलावा रिलायंस कम्युनिकेशंस और कुछ अन्य अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज किया गया है।
पहले भी हुई छापेमारी
इस मामले से पहले Enforcement Directorate (ईडी) ने भी अनिल अंबानी से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की थी। हाल ही में ईडी ने Reliance Power से जुड़े लगभग 12 स्थानों पर छापेमारी की थी।
यह कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के तहत की गई थी।
मुंबई की संपत्ति भी कुर्क
इससे पहले 25 फरवरी को ईडी ने मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित अनिल अंबानी की आवासीय संपत्ति ‘अबोड’ को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया था। इस संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब ₹3,716.83 करोड़ बताई गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार अब तक इस समूह से जुड़ी कुल लगभग ₹15,700 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।
बढ़ सकती हैं कानूनी मुश्किलें
सीबीआई की नई एफआईआर के बाद अनिल अंबानी और उनके समूह की कंपनियों की कानूनी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। आने वाले समय में जांच एजेंसियां इस मामले में और पूछताछ तथा कार्रवाई कर सकती हैं।
