जगदलपुर में बोर्ड परीक्षाओं के बाद अब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम शुरू हो गया है, और इस बार पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और सख्त नियमों के तहत पूरा करने पर खास जोर दिया जा रहा है।
📚 कहां हो रहा है मूल्यांकन?
- बस्तर हाईस्कूल में कॉपियों की जांच शुरू
- बड़ी संख्या में शिक्षक इस प्रक्रिया में शामिल
प्रशासन ने इसे व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से संचालित करने की तैयारी की है।
मोबाइल और गैजेट्स पर सख्ती
- मूल्यांकन केंद्र में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित
- स्मार्ट गैजेट्स लाने पर भी रोक
👉 ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या बाहरी हस्तक्षेप न हो सके।

👩🏫 शिक्षकों के लिए नियम
- हर शिक्षक को रोजाना कम से कम 40 कॉपियां जांचना अनिवार्य
- काम दो पालियों (शिफ्ट) में होगा
- बीच में आधे घंटे का ब्रेक दिया जाएगा
👉 इससे काम की गति और गुणवत्ता दोनों बनाए रखने की कोशिश है।
📝 शुरुआत कैसे हुई?
- पहले दिन शिक्षकों को 5-5 कॉपियां देकर प्रक्रिया समझाई गई
👉 ताकि सभी मूल्यांकन के नियमों को सही तरीके से फॉलो कर सकें।
📊 कितनी कॉपियां जांचनी हैं?
- कुल लगभग 1.25 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन
- लक्ष्य: 9 अप्रैल तक पूरा करना
👉 यह बड़ा टास्क समय पर पूरा करने की चुनौती भी है।
🔐 सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
- पहली खेप में 65 हजार कॉपियां स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित
- बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक
👉 इससे कॉपियों की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जा रही है।
⚠️ सख्त प्रशासनिक नियंत्रण
- शिक्षकों की ड्यूटी स्थानीय स्तर पर रद्द नहीं की जा सकती
👉 यानी सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी
🎯 प्रशासन का फोकस
- निष्पक्ष मूल्यांकन
- समय पर परिणाम
- पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखना
👉 कुल मिलाकर, जगदलपुर में इस बार बोर्ड कॉपियों का मूल्यांकन पहले से ज्यादा सख्ती, सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है, ताकि छात्रों को सही और निष्पक्ष परिणाम मिल सके।
