कोंडागांव जिले की दो बेटियों — शोभा धाकरे और नीता नेताम — ने इंटरनेशनल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप (भूटान, 14–16 नवंबर 2025) में गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ राज्य, बल्कि देश का मान बढ़ा दिया है।यह जीत केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, मेहनत, और आत्मनिर्भरता का प्रेरक प्रतीक बन गई है।नीचे पूरी खबर विस्तार से —
🏅 छत्तीसगढ़ की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर लहराया परचम
📍 प्रतियोगिता
- आयोजन स्थल: भूटान
- तारीख: 14–16 नवंबर 2025
- भाग लेने वाले देश: भारत, भूटान, नेपाल, श्रीलंका सहित कई देश
- दोनों खिलाड़ियों ने कुल 110 किलोग्राम वजन उठाकर बाजी मारी

📍 दोनों खिलाड़ियों ने दिखाया दम
- शानदार ताकत, फिटनेस, संतुलन और मानसिक दृढ़ता का प्रदर्शन
- इंटरनेशनल लेवल पर पहली ही बार में गोल्ड हासिल करना बेहद बड़ी उपलब्धि
👩🦰 खेल से परे — जीवन संघर्ष और आत्मनिर्भरता की मिसाल
⭐ शोभा धाकरे
- उम्र: 45 वर्ष
- बॉडी वेट: 62 किग्रा
- निवास: फॉरेस्ट कॉलोनी, कोंडागांव
- पेशा: ब्यूटी पार्लर संचालित करती हैं
- उपलब्धियां:
- 4 स्टेट + 1 नेशनल प्रतियोगिता
- पहली इंटरनेशनल प्रतियोगिता
- पहले ही प्रयास में गोल्ड — इतिहास रचा
➤ शोभा उन महिलाओं का प्रतीक बन गई हैं जो घर, काम और सपनों के बीच संतुलन साधकर चमत्कार कर सकती हैं।
⭐ नीता नेताम
- उम्र: 31 वर्ष
- बॉडी वेट: 64.58 किग्रा
- निवास: शहीद भगत सिंह वार्ड 18, सरगीपाल पारा, कोंडागांव
- पेशा: बेकरी चलाती हैं — सफल उद्यमी
➤ नीता ने साबित किया कि आर्थिक आत्मनिर्भरता और खेल—दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जा सकता है।
💪 “चूल्हा–चौका नहीं, इंटरनेशनल मंच तक”—बस्तर की बेटियों का संदेश
दोनों खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत से उस पुरानी सोच को तोड़ दिया जिसमें महिलाओं की क्षमता को घर की चारदीवारी तक सीमित माना जाता था।
रोजमर्रा की जिम्मेदारियों, काम और अभ्यास—इन सबके बीच तालमेल बिठाकर उन्होंने एक ऐसी मिसाल पेश की है जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।
🏋️♂️ इस सफलता में ‘मेन ऑफ स्टील जिम’ का बड़ा योगदान
प्रशिक्षक और सहायक टीम
- कोच: मयंक पटेल
- मैनेजर: विष्णु पम्मार
- जिम ऑनर: उल्लास भंज
इनके मार्गदर्शन में खिलाड़ियों की तकनीक, डाइट और ट्रेनिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया गया।
यह समर्पण दोनों खिलाड़ियों की सफलता में महत्वपूर्ण रहा।
🎉 कोंडागांव में खुशी की लहर
- जिले के नागरिक
- खेल प्रेमी
- स्थानीय युवा
- जिम सदस्य
सभी ने गर्व महसूस करते हुए बधाई संदेश दिए।
लोगों का कहना है कि शोभा और नीता आज की पीढ़ी के लिए “बस्तर की असली शेरनियाँ” और प्रेरणास्रोत बन गई हैं।
🌟 इस उपलब्धि का बड़ा संदेश
- महिलाएं हर क्षेत्र में बंधनों को तोड़ रही हैं
- ग्रामीण व वनांचल क्षेत्र की प्रतिभा भी विश्व मंच पर चमक सकती है
- सही मार्गदर्शन + मेहनत + दृढ़ता = असंभव को संभव बना देती है

