मुजगहन स्थित कॉलोनी में अधूरा विकास, टैंकर के भरोसे जीवन; लाखों खर्च के बाद भी मूलभूत सुविधाएं नहीं
लोकेशन: रायपुर
राजधानी रायपुर में एक बार फिर बिल्डर की लापरवाही और वादाखिलाफी का मामला सामने आया है। मुजगहन स्थित स्वास्तिक प्राइम सिटी के रहवासी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। लाखों रुपए खर्च कर मकान खरीदने के बाद भी लोगों को अब पानी जैसी

जरूरी सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
रायपुर के मुजगहन इलाके में स्थित स्वास्तिक प्राइम सिटी कॉलोनी में साल 2024 से लोग रहना शुरू कर चुके हैं, लेकिन आज तक कॉलोनी का समुचित विकास नहीं हो पाया है। कॉलोनी में गार्डन अधूरा है, सड़कें पूरी तरह विकसित नहीं हैं और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी अधूरी पड़ी हैं।
रहवासियों का आरोप है कि बिल्डर लगातार विकास कार्यों को लेकर एक्सटेंशन देता आ रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नजर नहीं आ रहा। सबसे बड़ी समस्या पानी की है, जहां कॉलोनी के लोग टैंकर पर निर्भर हैं और भीषण गर्मी में हालात और खराब हो रहे हैं।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार बिल्डर के दफ्तर के चक्कर लगाए, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं मिला। ऐसे में रहवासी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
रहवासियों के बयान:
“हमें पानी के लिए रोज परेशान होना पड़ता है…”
“बिल्डर ने कई वादे किए थे, लेकिन कुछ भी पूरा नहीं हुआ…”
“अब प्रशासन से ही उम्मीद है…”

निष्कर्ष:
लाखों रुपए खर्च कर घर खरीदने के बाद भी यदि लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़े, तो यह सिस्टम और बिल्डर की जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और कब तक कॉलोनीवासियों को राहत मिलती है।

