भोपाल l समाजवादी पार्टी के मध्य प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनोज यादव द्वारा आज प्रेस वार्ता कर बताया कि 1 मार्च से 31 मार्च तक एक व्यापक सदस्यता अभियान चला रही है, जिसमें हर नागरिक को पार्टी से जुड़ने और सामाजिक न्याय, समानता व प्रगति की इस यात्रा का हिस्सा बनने का मौका दिया जा रहा है। इस सदस्यता अभियान के द्वारा 2 लाख से अधिक लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, यह अभियान प्रदेशभर में समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने और जनता की आवाज़ को सत्ता के केंद्र तक पहुँचाने का एक सुनहरा अवसर है।

अगर आप भी भ्रष्टाचार, महंगाई और अन्याय के खिलाफ लड़ना चाहते हैं और एक समतामूलक समाज का निर्माण करना चाहते हैं, तो समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले सकते हैं और बदलाव की इस मुहिम में शामिल हो सकते हैं। आपका समर्थन ही एक सशक्त और जनहितकारी सरकार की नींव रखेगा!
समाजवादी पार्टी, मध्य प्रदेश, ने हाल ही में रीवा संभाग के सीधी जिले में सफलतापूर्वक दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया, जिसमें पार्टी की विचारधारा, संगठन की मजबूती और जनसंपर्क को लेकर गहन चर्चा हुई। यह शिविर कार्यकर्ताओं को जागरूक और संगठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी कड़ी में, अब प्रदेश के अन्य संभागों में भी ऐसे ही प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाजवादी आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
यदि आप भी समाजवाद की इस मुहिम का हिस्सा बनना चाहते हैं और बदलाव की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं, तो इन शिविरों में जरूर जुड़ें और एक सशक्त एवं न्यायसंगत समाज के निर्माण में सहयोग दें। तथा ऐसे ही शिविर मध्य प्रदेश के अन्य सभी संभागों में भी किए जाएंगे। मनोज यादव ने कहा,

सरकार ने कोरोना वैक्सीन को सफलतापूर्वक लागू करने का दावा तो किया, लेकिन क्या उसने इसके संभावित दुष्प्रभावों पर सही तरीके से शोध किया? हाल के महीनों में युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है, लेकिन सरकार इन पर ठोस जवाब देने के बजाय चुप्पी साधे बैठी है। क्या यह सरकार की लापरवाही नहीं कि वैक्सीन के प्रभावों की समुचित निगरानी नहीं की गई? क्या लोगों की सेहत से जुड़ी गंभीर चिंताओं को दरकिनार कर सिर्फ राजनीतिक प्रचार किया गया? अगर सरकार ने पारदर्शिता रखी होती और वैज्ञानिक डेटा के आधार पर स्पष्ट जानकारी दी होती, तो आज देश में इस तरह के संदेह और डर की स्थिति न बनती।
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है, और इसका ताजा उदाहरण पूर्व परिवहन आरक्षक सौरव शर्मा के पास से करोड़ों रुपये के अवैध धन की बरामदगी है।
यह साफ दिखाता है कि सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार किस हद तक फैल चुका है। जब एक मामूली आरक्षक के पास इतनी बड़ी संपत्ति मिल सकती है, तो सोचिए ऊपर बैठे अधिकारियों और नेताओं के पास कितना काला धन होगा! सरकार ने ईमानदारी और पारदर्शिता के बड़े-बड़े दावे तो किए, लेकिन हकीकत में भ्रष्टाचारियों को खुली छूट दे रखी है। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था के सड़ने का सबूत है। अगर सरकार वाकई ईमानदार होती, तो ऐसे घोटाले सामने आने से पहले ही रोके जाते। लेकिन जब सत्ता में बैठे लोग ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा दें, तो आम जनता के पैसे की इस तरह लूट होती रहती है।
भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और सत्ता की मिलीभगत का एक और शर्मनाक उदाहरण सामने आया है। भाजपा विधायक संजय पाठक द्वारा सहारा कंपनी की करोड़ों की जमीन को माटी मॉल में खरीदे जाने का मामला दिखाता है कि कैसे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ साठगांठ करके नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। यह सौदा सिर्फ एक भूमि घोटाला नहीं, बल्कि यह प्रमाण है कि किस तरह सत्ता में बैठे लोग आम जनता की संपत्तियों को अपने फायदे के लिए हड़प रहे हैं।
क्या सरकार बताएगी कि इस सौदे की पारदर्शिता की जांच क्यों नहीं की गई? जब सत्ता का दुरुपयोग कर इस तरह की खरीद-फरोख्त होती है, तो आम जनता के अधिकार कहां जाते हैं? यह घोटाला भाजपा की भ्रष्ट नीतियों और पूंजीपतियों के साथ मिलीभगत का एक और उदाहरण है, जिसे जनता कभी माफ नहीं करेगी।