आमतौर पर रविवार को BSE और NSE बंद रहते हैं, लेकिन इस बार एक खास वजह से
👉 रविवार, 1 फरवरी को शेयर बाजार खुलेगा।
दरअसल, इसी दिन यूनियन बजट 2026 पेश किया जाएगा और बजट से जुड़ी घोषणाओं का असर सीधे बाजार पर पड़ता है।
इसी वजह से निवेशकों को तुरंत रिएक्शन और ट्रेडिंग का मौका देने के लिए एक्सचेंज ने छुट्टी के दिन बाजार खोलने का फैसला किया है।

⏰ ट्रेडिंग टाइम क्या रहेगा?
NSE द्वारा जारी आधिकारिक सर्कुलर के मुताबिक—
- 🕘 मार्केट ओपन: सुबह 9:15 बजे
- 🕒 मार्केट क्लोज: दोपहर 3:30 बजे
यानी ट्रेडिंग टाइम बिल्कुल सामान्य वर्किंग डे जैसा ही रहेगा।
इक्विटी, डेरिवेटिव्स और अन्य सेगमेंट्स में ट्रेडिंग संभव होगी।
इसका मकसद यह है कि—
- बजट भाषण के दौरान
- और उसके तुरंत बाद
निवेशक अपनी रणनीति तुरंत लागू कर सकें।
🤔 रविवार को बाजार क्यों खोला जा रहा है?
बजट ऐसा इवेंट है—
- जो टैक्स
- सरकारी खर्च
- इंफ्रास्ट्रक्चर
- बैंकिंग
- मैन्युफैक्चरिंग
- स्टार्टअप
- मिडिल क्लास
हर सेक्टर को सीधे प्रभावित करता है।
अगर बाजार बंद रहता, तो—
- निवेशकों को सोमवार तक इंतजार करना पड़ता
- ओवरनाइट गैप का रिस्क बढ़ता
- अचानक बड़ी तेजी या गिरावट देखने को मिलती
👉 रविवार को बाजार खोलने से प्राइस डिस्कवरी तुरंत हो जाती है और अस्थिरता (Volatility) कंट्रोल में रहती है।
📌 पहले भी बन चुकी है यह परंपरा
यह पहली बार नहीं है जब बजट के दिन बाजार खुल रहा हो।
इससे पहले भी—
- 📅 2015
- 📅 2020
- 📅 2025
में यूनियन बजट के दिन शेयर बाजार खुले थे।
हर बार बजट वाले दिन—
- भारी वॉल्यूम
- तेज उतार-चढ़ाव
- सेक्टर वाइज मूवमेंट
देखने को मिली है।
🏛️ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी नौवां बजट
कल सुबह 11:00 बजे
📍 लोकसभा में
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार नौवां यूनियन बजट पेश करेंगी।
👉 यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है, क्योंकि—
- इतने लंबे समय तक
- बिना किसी ब्रेक के
- बजट पेश करने वाले
- गिने-चुने वित्त मंत्रियों में उनका नाम शामिल हो गया है।
📑 बजट में किन बातों पर रहेगी नजर?
यूनियन बजट 2026 में—
- सरकार की आमदनी (Revenue)
- खर्च (Expenditure)
- राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit)
- टैक्स से जुड़ी घोषणाएं
- सब्सिडी
- इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेक्स
- आम आदमी और मिडिल क्लास के लिए राहत
जैसे मुद्दों पर फोकस रहेगा।
📘 बजट से पहले आया आर्थिक सर्वेक्षण 2026
बजट से पहले 29 जनवरी को
👉 आर्थिक सर्वेक्षण 2026 जारी किया जा चुका है।
इसमें—
- 🇮🇳 देश की GDP ग्रोथ
- निवेश का माहौल
- सरकारी वित्तीय स्थिति
- भविष्य की आर्थिक चुनौतियां
पर विस्तृत जानकारी दी गई है।
आर्थिक सर्वे को बजट की नींव माना जाता है और बाजार इसी के संकेतों पर पहले से पोजिशन बनाता है।
📈 शेयर बाजार के लिए क्यों अहम है 1 फरवरी?
कल का दिन—
- सरकार की आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेगा
- अगले वित्त वर्ष के लिए बाजार का मूड सेट करेगा
- बैंकिंग, FMCG, इंफ्रा, रियल्टी, ऑटो जैसे सेक्टर्स में
तेज मूवमेंट दिखा सकता है
👉 इसलिए रविवार को बाजार खुलना निवेशकों के लिए बड़ा मौका भी है और बड़ा जोखिम भी।
⚠️ निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
✔ बजट के दिन ज्यादा उतार-चढ़ाव रहता है
✔ स्टॉप लॉस का इस्तेमाल जरूर करें
✔ बिना रिसर्च के ट्रेड न लें
✔ लॉन्ग टर्म निवेशक घबराकर फैसले न करें
🔍 निष्कर्ष
1 फरवरी का दिन सिर्फ बजट का नहीं, बल्कि बाजार की दिशा तय करने का दिन है।
रविवार को शेयर बाजार खुलना इस बात का संकेत है कि
👉 सरकार और एक्सचेंज दोनों निवेशकों को रियल-टाइम फैसले लेने का मौका देना चाहते हैं।
