गरियाबंद में प्रश्न पत्र विवाद: ‘राम’ के जिक्र पर बवाल
गरियाबंद। महासमुंद जिले के बाद अब गरियाबंद जिले में भी कक्षा चौथी के प्रश्न पत्र में ‘राम’ से जुड़ा सवाल सामने आने से विवाद गहरा गया है। आरोप है कि प्रश्न पत्र में ‘राम’ के नाम को अपमानजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है।

⚠️ विहिप–बजरंग दल का विरोध, आंदोलन की तैयारी
मामला सामने आने के बाद
- विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और
- बजरंग दल
ने शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
🔸 बजरंग दल नेता मोहित साहू ने सोशल मीडिया के जरिए
- गरियाबंद के तिरंगा चौक पर दोपहर 2 बजे
- सभी हिंदू कार्यकर्ताओं से एकत्र होने की अपील की है
👉 मांग की गई है कि
- ‘राम’ के नाम का अपमान करने वाले
- जिम्मेदार अधिकारियों (डीईओ समेत)
के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
🏫 सिर्फ गरियाबंद नहीं, पूरे रायपुर संभाग का मामला
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि
- एक जैसे प्रश्न पत्र सिर्फ महासमुंद और गरियाबंद में नहीं
- बल्कि पूरे रायपुर संभाग के 5 जिलों में वितरित किए गए थे
यानि मामला जिला स्तर का नहीं, बल्कि संभाग स्तर का है।
🖨️ एक ही प्रिंटिंग प्रेस से क्यों छपाई?
🔹 लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा बनाई गई कमेटी ने
- प्रश्न पत्रों का चयन किया
- और लोकल परीक्षाओं की छपाई
👉 एक ही प्रिंटिंग प्रेस को दी
🔹 रायपुर संभाग के लिए
- करीब 2 करोड़ रुपए का बजट था
- छपाई दुर्ग/राजनांदगांव स्थित शुभम प्रिंटिंग प्रेस में हुई
❓ सवाल यह उठ रहा है कि
- जब हर जिले को अलग-अलग बजट दिया गया
- तो फिर संभाग स्तर पर एक साथ छपाई क्यों कराई गई?
📚 नियम क्या कहते हैं?
माध्यमिक शिक्षा मंडल की गाइडलाइन के अनुसार
- प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की
- वार्षिक और अर्धवार्षिक परीक्षाएं
👉 स्थानीय (जिला) स्तर पर संचालित की जानी चाहिएं।
- छात्रों की संख्या के अनुसार
- प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका की
- छपाई के लिए अलग-अलग बजट तय होता है।
💰 जिलों को अलग-अलग राशि, फिर भी एक जगह छपाई
- गरियाबंद जिले के लिए: 18 लाख रुपए
- बड़े जिलों के लिए: 30 लाख रुपए से अधिक
इसके बावजूद
- जिला स्तर को दरकिनार कर
- संभाग स्तर पर छपाई कराई गई
- जिसमें डीपीआई को माध्यम बनाया गया
🏛️ जिम्मेदारी सिर्फ डीईओ की नहीं
इस पूरे विवाद में बड़ा सवाल यह है कि
- प्रश्न पत्र का चयन डीपीआई की कमेटी ने किया
- इसलिए जवाबदेही
👉 सिर्फ जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की नहीं
👉 बल्कि लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के आला अधिकारियों की भी बनती है।
🧩 पेपर सेटिंग और छपाई की पूरी चेन
🔸 जानकारी के मुताबिक
- प्रश्न पत्र तिल्दा के एक शिक्षक ने सेट किया
- छपाई राजनांदगांव के शुभम प्रिंटिंग प्रेस में हुई
🔸 प्रिंटिंग प्रेस मालिक आदेश श्रीवास्तव ने कहा
“हमें जैसा प्रश्न पत्र दिया गया, वैसा ही प्रिंट किया गया।”
🔸 वहीं गरियाबंद डीईओ जगजीत सिंह धीर ने बताया
- गरियाबंद समेत 14 अन्य जिलों के लिए
- प्रश्न पत्र एक ही जगह से आए थे।
🔍 डीपीआई की कार्यशैली पर गंभीर सवाल
इस पूरे प्रकरण ने
- शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली
- प्रश्न पत्रों की जांच प्रक्रिया
- और प्रशासनिक पारदर्शिता
पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना होगा कि
- सरकार
- और शिक्षा विभाग
इस मामले में किस स्तर तक कार्रवाई करता है।
