महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Anti Narcotic Task Force और Singhoda Police Station की टीम ने 1 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक कीमत का गांजा जब्त किया है।
तस्कर गांजे को सब्जियों के खाली कैरेट के पीछे छिपाकर ओडिशा से महाराष्ट्र ले जा रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
लगातार चल रहा था चेकिंग अभियान
पुलिस के अनुसार प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
Anti Narcotic Task Force को एंड-टू-एंड सप्लाई चेन, फाइनेंशियल नेटवर्क, सोर्स प्वाइंट और डेस्टिनेशन प्वाइंट पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
इसी अभियान के तहत महासमुंद जिले में लगातार वाहनों की जांच की जा रही थी।

मुखबिर की सूचना पर हुई नाकेबंदी
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक पीकअप वाहन ओडिशा की ओर से बड़ी मात्रा में गांजा लेकर छत्तीसगढ़ होते हुए महाराष्ट्र की तरफ जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने NH 53 पर गनियारीपाली गांव स्थित सिल्की ढाबा के सामने नाकेबंदी कर दी।
कुछ देर बाद संदिग्ध पीकअप वाहन क्रमांक MH16CD8741 वहां पहुंचा, जिसे पुलिस ने रोककर जांच शुरू की।
खाली कैरेट के पीछे छिपा रखा था गांजा
वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को डाले में रखे खाली प्लास्टिक कैरेट के पीछे बोरियों में भारी मात्रा में गांजा मिला।
जांच में कुल 226.600 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ 14 लाख 30 हजार रुपये बताई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि तस्करों ने गांजे को इस तरह छिपाया था ताकि सामान्य जांच में किसी को शक न हो।
महाराष्ट्र के दो तस्कर गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान वाहन में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों की पहचान –
- Ajinath Ashru Jadhav (28 वर्ष)
- Akshay Baruk (32 वर्ष)
के रूप में हुई है। दोनों महाराष्ट्र के Ahmednagar निवासी बताए जा रहे हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा को ओडिशा के बालिगुड़ा इलाके से लेकर अहमदनगर पहुंचाने जा रहे थे।
वाहन और मोबाइल भी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से –
- 226.600 किलो गांजा
- पीकअप वाहन
- 3 मोबाइल फोन
भी जब्त किए हैं।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
Singhoda Police Station में आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(B)(ii)(B) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा गांजे की सप्लाई किन इलाकों में की जानी थी।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
साथ ही तस्करों के फाइनेंशियल नेटवर्क और सप्लाई चैन की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके।

