रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे सुशासन तिहार को लेकर कांग्रेस ने विरोध का ऐलान किया है। इसी संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बीरगांव की संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं और सरकार की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण के अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने की।

क्या है कांग्रेस का आरोप?
बैठक में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा मनाया जा रहा “सुशासन तिहार” केवल प्रचार कार्यक्रम बनकर रह गया है, जबकि जमीनी स्तर पर आम जनता कई समस्याओं से जूझ रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि—
- क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
- पेयजल, सड़क और सफाई जैसी समस्याएं अभी भी बरकरार हैं।
- स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ है।
- बेरोजगारी और महंगाई से लोग परेशान हैं।
- जनता की शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हो रहा है।
इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस सरकार के दावों को चुनौती देना चाहती है।
कब और कहां होगा प्रदर्शन?
बैठक में निर्णय लिया गया कि 10 जून को सुबह 11 बजे ईएसआई हॉस्पिटल के सामने विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के तहत—
- धरना प्रदर्शन
- नारेबाजी
- जनसमस्याओं को लेकर ज्ञापन
- संबंधित अधिकारियों का घेराव
जैसी गतिविधियां प्रस्तावित हैं।
जनता के मुद्दों को उठाने का दावा
कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि आम लोगों की समस्याओं को सामने लाने के लिए किया जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ता क्षेत्र के नागरिकों को भी इस आंदोलन में शामिल होने की अपील कर रहे हैं।
सुशासन तिहार क्या है?
भाजपा सरकार द्वारा प्रदेशभर में सुशासन तिहार आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाना, शिकायतों का निराकरण करना और प्रशासन एवं जनता के बीच संवाद स्थापित करना बताया गया है।
हालांकि विपक्षी दल कांग्रेस का आरोप है कि सरकार केवल कार्यक्रमों और आयोजनों के माध्यम से अपनी उपलब्धियों का प्रचार कर रही है, जबकि कई महत्वपूर्ण समस्याएं अभी भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं।
राजनीतिक महत्व
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विरोध प्रदर्शन सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच बढ़ती राजनीतिक सक्रियता का हिस्सा है। एक ओर भाजपा सुशासन तिहार और महाजनसंपर्क अभियान के माध्यम से अपनी उपलब्धियां गिना रही है, वहीं कांग्रेस सरकार के दावों की वास्तविकता जनता के सामने लाने की कोशिश कर रही है।
आने वाले दिनों में सुशासन तिहार और उससे जुड़े मुद्दों पर प्रदेश की राजनीति और अधिक गर्म होने की संभावना है, क्योंकि दोनों प्रमुख दल जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।
